आखिर घोटालेबाजों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही सरकार : गोदियाल
जनमंच टुडे/ देहरादून।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि भाजपानित प्रदेश सरकार साढ़े चार साल बाद नींद से जागी है और उसमें जो छात्रों को लैपटॉप और स्मार्टफोन देने की जो घोषणा अपने चुनावी घोषणापत्र में किया था अब वह बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाये ही यह काम पीएसयू के माध्यम से करा रही है। और सरकार आनन फानन में बड़े पैमाने पर लैपटॉप एवं स्मार्टफोन खरीदने जा रही है लेकिन यह काम नियम कानून को ताक में रखकर कर रही है। गोदियाल ने कहा कि यदि सरकार को पीएसयू के माध्यम से इन्हें खरीदना है तो वह नियमों का और सीवीसी गाइडलाइन्स का पालन करें यदि ऐसा नही किया जाता है तो इसे नियमों का अतिक्रमण और भ्रष्टाचार ही समझा जाएगा। गोदियाल ने कहा कि इसकी खरीद तय मानकों के अनुरूप ही कि जाए। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरीके से भ्रष्टाचार में लिप्त है। गोदियाल ने कहा कि सरकार मुक्त विश्वविद्यालय में गलत और गुपचुप तरीके से 56 लोगों की नियुक्तियां कर चुकी है, जो कि नियम विरुद्ध है जो कि सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करती हैं। सहकारिता विभाग में आये दिन भ्रष्टाचार के मुददे सामने आते हैं। कुम्भ में कोरोना टेसटींग घोटाले पर सरकार द्वारा जांच एजेन्सी का गठन न करना सरकार की संलिप्तता दर्शाता है और इतने बडे घोटाले में अधिकारियों को निलंबित करना और किसी अन्य का नाम न आना संदहेे पैदा करता है। समाज कल्याण विभाग ने एक बडे़ छात्रवृति घोटाले को अंजाम दिया और गलत तरीके से छात्रवृति आवंटित कर दी गयी। इस पर भी सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी। इसी प्रकार से कर्मकार कल्याण बोर्ड में करोडों रूपये का घोटाला हुआ जिसकी कोई जांच नहीं की गयी। इन सब घोटालों का पर्दाफाश हो चुका है, उसके बावजूद सरकार घोटालेबाजों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्यवाही करने की मांग की।
गोदियाल ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन स्वीकृत हुई थी जिसके लिए उन्होेनें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं उस समय की रेल मंत्री ममता बनर्जी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में स्थानीय ठेकेदारों एवं वाहन सप्लायरों की अनदेखी हो रही है और इस परियोजना में स्थानीय ठेकेदारों एवं अन्य कार्य करने वाले लोगों का सहयोग न लेते हुए बाहरी कम्पनियों से काम कराया जा रहा है। जिससे स्थानीय लोग अपने को ठगा से महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंख्या के दबाव को आधार बनाकर सरकार जो साम्रदायिक रंग देना चाहती है वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होेने कहा कि जाति धर्म या क्षेत्र के आधार पर भेदभाव करना अनुचित है। गणेश गोदियाल ने मूल निवासियों के पलायन को राज्य सरकार की विफलता बताया। पत्रकार वर्ता में मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि, महामंत्री संगठन मथुरादत्त जोशी, गढवाल मीडिया प्रभारी गरिमा महरा दसौनी, प्रदेश प्रवक्ता राजेश चमोली, दीप बोहरा, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश कांग्रेस सचिव गीताराम जायसवाल एवं सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कै बलबीर सिंह रावत आदि उपस्थित थे।
