प्रधानमंत्री ने क्यारकुली भट्टा ग्राम पंचायत एवं पानी समितियों से किया वर्चुअल संवाद
जनमंच टुडे/ देहरादून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री की जयंती पर मसूरी क्षेत्र की क्यारकुली भट्टा ग्राम पंचायत और पानी समितियों से सीधा वर्चुअल संवाद किया। वर्चुअल संवाद में प्रधानमंत्री ने पंचायत समितियों से जल जीवन मिशन के इंप्लीमेंट से पूर्व और इंप्लीमेंट के पश्चात गांव के लोगों, विशेषकर गांव की महिलाओं और गांव की अर्थव्यवस्था में आए व्यापक सकारात्मक बदलाव से रूबरू हुए। पानी पंचायत समिति द्वारा प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि जल जीवन मिशन के इंप्लीमेंटेशन के बाद किस तरह से उनके गांव की दशा_ दिशा बदल गई है। जल जीवन मिशन से पूर्व जहां गांव की महिलाओं को कई मिलो दूर पानी ढोना पड़ता था और कई बार घंटों लाइन में लगा रहना पड़ता था अब जल जीवन मिशन के इंप्लीमेंटेशन के बाद महिलाओं का पानी ढोने और लाइन में लगने से छुटकारा मिल गया है जिससे महिलाएं अब अपना समय बच्चों के अच्छे पालन पोषण, अपने जीवन को उन्नत बनाने, नई _नई स्किल सीखने और अपने और सामुदायिक जीवन को आगे बढ़ाने में व्यापक दे रही है । मसूरी क्षेत्र की क्यारकुली भट्टा पानी समिति की अध्यक्ष कौशल्या रावत ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि जल जीवन मिशन के साकार होने से गांव से पलायन कर चुके लोग रिवर्स पलायन कर रहे हैं। गांव में पहले की तुलना में अधिक पर्यटन आ रहे हैं जिससे गांव में होमस्टे योजना की डिमांड में भी काफी बढ़ोतरी हुई है, गांव में 35 होमस्टे पर्यटन विभाग के समन्वय से बन चुके हैं। अध्यक्ष ने कहा कि जल जीवन मिशन योजना के क्रियान्वयन के पश्चात ‘गांव का पानी और गांव की जवानी अब गांव के काम आ रही है।, उन्होंने कहा कि हमारे गांव में शत प्रतिशत कोरोना की वैक्सीन लग चुकी है। महिलाओं को अब घर-घर पेयजल उपलब्ध होने से वह अपने समय और ऊर्जा का सदुपयोग अब दूसरे काम में करने लगी हैं जिससे गांव की अर्थव्यवस्था में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। गांव की पानी पंचायत समिति द्वारा व्यापक पैमाने पर पौध रोपण किया गया है और आगे भी एक लाख पौधारोपण का लक्ष्य रखा है। पानी पंचायत समितियों से वर्चुअल संवाद के दौरान माननीय प्रधानमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन योजना का भली-भांति क्रियान्वयन गांव के कर्मठ लोगों और जागरूक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से पूरा हो पाया। उन्होंने कहा कि पहले के समय हम वाटर ट्रेन और वाटर टैंक से पेयजल आपूर्ति के बारे में सुना करते थे लेकिन जल संरक्षण, जल संवर्धन और जल प्रबंधन के गुजरात के पूर्व अनुभव और उसी जल संरक्षण और जल संभरण के अनुभव से प्रेरित होकर जल जीवन मिशन (हर घर जल) जैसी योजना को क्रियान्वित करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने भारत के सभी नागरिकों को जल संरक्षण, जल संचय, भूमिगत जल पुनर्भरण, वर्षा जल संग्रहण इत्यादि की सामूहिक जिम्मेदारी और भागीदारी का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि हमें जल के महत्व को समझना होगा और अपनी छोटी-छोटी ऐसी नकारात्मक आदतों मैं सुधार लाना होगा जो जल के दुरुपयोग को बढ़ावा देती है।
