महान गायिका लता मंगेशकर का निधन, गढ़वाली गीत को दी थी अपनी आवाज
जनमंच टुडे/डेस्क।
महान गायिका लता मंगेशकर अब हमारे बीच नही रही। देश की महान गायिका लता मंगेशकर का रविवार सुबह 8 बजकर 12 मिनट पर 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनकी बहन उषा मंगेशकर ने यह जानकारी दी। वह पिछले करीब एक महीने से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थीं। आठ जनवरी को वह कोरोना से संक्रमित हुई थीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “मैं अपना दुख शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता हूं। दयालु और स्नेही लता दीदी हमें छोड़कर चली गई हैं। वह हमारे देश में एक खालीपन छोड़ गई है जिसे भरा नहीं जा सकता। आने वाली पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति के एक दिग्गज के रूप में याद रखेंगी, जिनकी सुरीली आवाज में लोगों को मंत्रमुग्ध करने की अद्वितीय क्षमता थी।” लता मंगेशकर ने अपने 78 साल के करियर में करीब 25 हजार गीतों को अपनी आवाज दी।

लता मंगेशकर को कई पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा गया था। तीन बार उन्होंने राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया था। अपनी मधुर आवाज से लोगों को मोह लेने वाली लता मंगेशकर को भारत का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न और दादा साहेब फालके अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। उन्होंने कई भाषाओं में गाने गाए थे । लता मंगेशकर में एक गढ़वाली गाने ( मन भरमैगे) को अपने सुरों में पिरोया था, । यह गाना गढ़वाली फ़िल्म रैबार के के लिए बनाया गया था। इसके निर्माता किशन पटेल और निर्देशक सोनू पंवार ने किया था। बाद में इस गीत को दोबारा नए कलाकारों और नई टीम के साथ रीशूट किया गया। देवी प्रसाद सेमवाल द्वारा लिखे गए इस गीत को बीना रावत व शिवेंद्र रावत पर फिल्माया गया ।
