डीएम ने कमेडा पहुंचकर रोपे पौधे

जनमंच टुडे/ पौड़ी। जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने आज ग्राम पंचायत कमेड़ा में हरेला कार्यक्रम के तहत स्थानीय लोगों के साथ विभिन्न प्रजाति के पौधों का रोपण किया। इस दौरान कार्यक्रम से पूर्व स्कूली छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना और अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । जिलाधिकारी ने कहा कि पौधरोपण में स्थानीय लोगों को अपने बच्चों के साथ मिलकर पौध रोपण करने के साथ ही उन्हें बचाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मानसून सीजन में विभिन्न विभागों के माध्यम से पौधरोपण कार्यक्रम किया जा रहा है। जिसमें स्थानीय लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है। आयोजित कार्यक्रम में समलोंण संस्था, वन विभाग, उद्यान विभाग तथा वर्ल्ड विजन संस्था द्वारा ग्राम पंचायत कमेड़ा के ग्रामीणों को अलग-अलग प्रजाति के पौधे उपलब्ध कराए तथा उनके साथ पौधों का रोपण भी किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बेल तथा नगर पालिका अध्यक्ष पौड़ी ने माल्टे के पौधारोपण किया।
जिलाधिकारी ने आयोजित कार्यक्रम में वहां उपस्थित स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक संख्या में पौध लगाने को कहा, जिससे पौधों का रोपण से पानी को बढ़ाया जा सकेगा। साथ ही उन्होने कहा कि इस प्रकार के छोटे-छोटे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में जाग्रति लाकर पर्यावरण को स्वच्छ रखा जा सकता है। इस दौरान जिलाधिकारी ने हरेला त्यौहार के महत्व बताते हुए कहा कि इस वर्ष हरेला पर्व पर प्रदेश स्तर पर 06 लाख पौधों का रोपण तथा जनपद पौड़ी गढ़वाल में लगभग 03 लाख से अधिक विभिन्न प्रजातियों के फलदार व चारापत्ती वृक्षों का रोपण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। कहा कि लक्ष्य की प्राप्ति हेतु वन विभाग, शिक्षा, पंचायतराज, कृषि, उद्यान की भूमिका विशेष है। उन्होंने कहा कि पौध को सिर्फ लगाना ही नहीं बल्कि उसकी सुरक्षा करना बड़ी बात है। उन्होंने वहां उपस्थित सभी लोगों को कहा कि परिवार के हर सदस्य मिलकर एक एक पौधे लगाए तथा उसकी नियमित रूप से देखरेख भी करें। जिससे आने वाले समय में बेहतर परिणाम देखने को मिल सकेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर से जो भी आवश्यकता की जरूरत होती है उसे अवश्य अवगत कराएं। इस दौरान वन विभाग द्वारा 75, उद्यान विभाग 50
तथा वर्ल्ड विजन द्वार 50 विभिन्न प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया। वहीं जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र कमेड़ा का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बच्चों से प्रतिदिन मिलने वाले पोष्टिक आहार की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों की लंबाई, वजन का नापजोख भी किया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्री को कहा कि बच्चों को समय-समय पर विभिन्न क्रियाकलाप भी करवाएं, जिससे उनका मन आंगनबाड़ी केंद्र में बना रहेगा।

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