अतिवृष्टि से तबाह हो गई ‘मेहनत की खेती’

जनमंच टुडे। नई टिहरी, रुद्रप्रयाग। घनसाली में बुधवार तड़के 6 बजे बादल फटने से उफान पर आए बरसाती गदेरों ने नैलचामी में भारी तबाही मचाई है। पानी के साथ आए सैलाब ने सिंचाई नहरें, खेती और फसलों के साथ कई पुलों को तबाह कर दिया। जिस जगह पर बादल फटा है, वो स्थान घनसाली से करीब 20 किलोमीटर दूर है। नैलचामी में बादल फटने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। उधर रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग के दूरस्थ क्षेत्र जखोली के घरड़ा गांव में बादल फटने से भारी तबाही  हुई है। यहां बहने वाली हिलाउं नदी उफान पर आ गई है। हिलाउं नदी के उफान पर आने से त्यूंखर गांव में ग्रामीणों की हजारों हेक्टेयर भूमि तबाह हो गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण ग्रामीण भयभीत हैं। पहाड़ों में अभी भी बारिश लगातार जारी है। रुद्रप्रयाग जनपद के त्यूंखर और घरड़ा गांव में भारी बारिश से काफी नुकसान हुआ है। घरड़ा गांव में बादल फटने के कारण जहां ग्रामीणों की हजारों हेक्टेयर भूमि तबाह हो गई है। वहीं, ग्रामीणों के घरों में भी मलबा घुस गया है। ग्रामीणों ने किसी रात के समय अपनी जान बचाई। उधर त्यूंखर गांव में कई आवासीय भवनों के अलावा गौशालाओं को भी क्षति पहुंची है। भारी बारिश और बादल फटने के कारण हिलाउं नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। घरड़ा गांव के काश्तकारों की हजारों हेक्टेयर सिंचित भूमि तबाह हो गई है। गांव में नदी किनारे स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर का भी आधा हिस्सा नदी के तेज बहाव में बह गया है। रात के समय मंदिर के पुजारी ने भागकर किसी तरह से अपनी जान बचाई। मंदिर और गांव को जोड़ने वाले पुल भी आपदा की भेंट चढ़ गया हैं। इसके अलावा भैरवनाथ मंदिर भी नदी में बह गया है. लगातार हो रही बारिश के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल है और ग्रामीण भयभीत हैं।

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