विधानसभा कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर हाईकोर्ट की रोक
जनमंच टुडे। नैनीताल। पूर्व में विधानसभा अध्यक्षों द्वारा नियुक्त विधानसभा के कर्मचारियों को काम से निकालने के सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के इस फैसले से फिलहाल कर्मचारियों की नौकरी बनी रहेगी। उत्तराखंड विधानसभा बैकडोर भर्ती मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है।इसके साथ ही कोर्ट ने विधानसभा सचिवालय से चार सप्ताह के जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि बर्खास्त किए गए कर्मचारी काम पर आते रहेंगे। कोर्ट ने कहा कि अगर विधानसभा सचिवालय चाहे तो नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। इस मामले कि अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी। गौरतलब है कि उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने विधानसभा में बैकडोर से हुईं 250 भर्तियां रद्द कर दी थीआवर कर्मचारियों को काम से निकाल दिया था, जिसके बाद निकाले गए कुछ कर्मचारी कोर्ट की शरण मे चले गए थे। गौरतलब है कि बैकडोर से भर्ती का खुलासा होने के बाद विधानसभा में हुईं भर्तियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ जांच समिति बनी थी। जांच टीम की रिपोर्ट की सिफारिश के आधार पर 2016 में हुईं 150 तदर्थ नियुक्तियां, 2020 में हुईं छह तदर्थ नियुक्तियां, 2021 में हुईं 72 तदर्थ नियुक्तियां और उपनल के माध्यम से हुईं 22 नियुक्तियां रद्द कर दी गई थी। वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 2011 से पहले विधानसभा में जो नियुक्तियां हुई थीं, वह कर्मचारी नियमित हो चुके हैं। उनकी नियुक्ति कैसे हुई, नियमितिकरण कैसे किया गया, पदोन्नतियां कैसे हुईं, इस पर विधिक राय लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
