हमारी संस्कृति की पहचान है मेले और त्योहार : रावत

लक्ष्मण सिंह नेगी

जनमंच टुडे। ऊखीमठ। मेले एवं त्योहार हमारी संस्कृति की पहचान हैं इसके संरक्षण के लिए इस तरह के आयोजन किए जाने आवश्यक हैं ताकि आने वाली पीढी भी इनका अनुसरण कर आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य कर सके। केदारनाथ विधायक शैला रानी रावत ने मंदाकिनी शरदोत्सव एवं कृषि एवं औद्योगिक विकास मेले का शुभारंभ अवसर पर आज यह बात कही। विधायक शैलारानी रावत ने कहा कि मेले एवं महोत्सव हमारी संस्कृति की पहचान एवं धरोहर हैं।  इनसे आपसी मेलजोल के साथ ही भाईचारा बढ़ता है, साथ ही  सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर  उपलब्ध होती हैं। उन्होंने कहा कि अगस्त्यमुनि मंदाकिनी शरदोत्सव एवं कृषि विकास मेले के माध्यम से स्थानीय लोगों को भी अपने उत्पादों को इस मेले में कई महिला समूह द्वारा भी अपने स्टाॅल लगाए गए हैं जिससे उनको फायदा मिलेगा व उनकी आर्थिकी मजबूत होगी। विधायक ने कहा कि सरकार मेले एवं त्योहारों को प्रोत्साहित करने के लिए  प्रयासरत है। विधायक ने विभिन्न विभागों द्वारा विकास परक योजनाओं के स्टाॅलों का शुभारंभ कर निरीक्षण भी किया गया। इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।11 नवम्बर तक चलने वाले इस महोत्सव में खेल विभाग खेल प्रतियोगिता भी करा रहा है ।पहले दिन तीनों विकास खंडों के ओपन पुरुष वर्ग  बाॅलीबाल एवं कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस मौके पर विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के स्टाॅल लगाए गए जिसमें कृषि, उद्यान, पशुपालन, स्वजल, वन विभाग, चिकित्सा विभाग, बाल विकास, विद्युत, सैनिक कल्याण, डेयरी, राजस्व, शिक्षा, उद्योग, मत्स्य, सहकारिता सहित विभिन्न जनपदों से आई महिला समूहों एवं विभिन्न जनपदों से आए उद्यमियों ने अपने स्टाॅल लगाए गए। इस अवसर पर अध्यक्ष नगर पंचायत अगस्त्यमुनि श्रीमती अरुणा बेंजवाल, ब्लाॅक प्रमुख ऊखीमठ श्वेता पांडेय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री चंडी प्रसाद भट्ट, बाचस्पति सेमवाल, पंकज भट्ट, पृथ्वीपाल सिंह, सुरेंद्र मोगा, मेला समिति के संयोजक विक्रम नेगी, महासचिव हर्षवर्धन बेंजवाल सहित जन प्रतिनिधि एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए मेलार्थी उपस्थित रहे।

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