उत्तराखंड में इस बार पिछले वर्ष से दोगुने वन-डे बार लाइसेंस हुए जारी
देहरादून और नैनीताल में सबसे ज्यादा बार लाइसेंस आवेदन
देहरादून। नए साल के स्वागत में उत्तराखंड में जश्न इस बार रिकॉर्ड स्तर पर रहा, जिसका असर आबकारी विभाग के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दिया। नववर्ष समारोह को व्यवस्थित और नियमों के तहत आयोजित करने के उद्देश्य से आबकारी विभाग द्वारा वन-डे बार लाइसेंस की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिस पर भारी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। विभाग को इस बार 600 से अधिक आवेदन मिले, जो पिछले वर्षों की तुलना में लगभग दोगुने हैं।
आबकारी विभाग के अनुसार, बीते साल नए साल के अवसर पर करीब 300 वन-डे बार लाइसेंस जारी किए गए थे, जबकि इस बार इनकी संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कुल आवेदनों में से लगभग 400 आवेदन देहरादून और नैनीताल जिलों से आए, जिससे स्पष्ट है कि इन पर्यटन स्थलों पर नववर्ष का उत्साह सबसे अधिक रहा। इसके अलावा हरिद्वार, टिहरी, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल और ऊधमसिंह नगर से भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए।
आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने बताया कि वर्ष 2026 के स्वागत और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक दिवसीय बार लाइसेंस की प्रक्रिया को ऑनलाइन और त्वरित बनाया गया। इसका परिणाम यह रहा कि 24 से 31 दिसंबर के बीच विभाग को रिकॉर्ड आवेदन मिले और सभी मामलों में समयबद्ध कार्रवाई पूरी की गई।
उन्होंने बताया कि वन-डे बार लाइसेंस नियमों और शर्तों के तहत जारी किए जाते हैं, जिससे अवैध शराब बिक्री और गैरकानूनी बार संचालन पर प्रभावी रोक लगती है। इससे न केवल विभाग के राजस्व में वृद्धि होती है, बल्कि कानून व्यवस्था और पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित रहती है। लाइसेंस की शर्तों में अग्नि सुरक्षा, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था और यातायात प्रबंधन जैसे मानकों का सख्ती से पालन अनिवार्य किया गया है।
मसूरी और नैनीताल में सख्त निगरानी
नववर्ष के दौरान शराब तस्करी और अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए मसूरी और नैनीताल के प्रवेश द्वारों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। संयुक्त और उप आबकारी आयुक्तों के नेतृत्व में प्रवर्तन दल सक्रिय रहा। इसके साथ ही ओवर रेटिंग की शिकायतों को रोकने के लिए शराब दुकानों पर औचक निरीक्षण किए गए। ऋषिकेश, लक्सर, रामनगर, हल्द्वानी, काशीपुर और रुद्रपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बाहरी राज्यों से आने वाली अवैध शराब पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें तैनात की गईं।
