नारी से ही संसार है : आचार्य ममगाईं

रायवाला। पौराणिक देवभूमि सोसाइटी के तत्ववधान में  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम का शुभारंभ दायित्वधारी आचार्य शिव प्रसाद ममगांई,ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि  ममगांई ने समाज में महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यत्र नार्यश्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता ” जहाँ नारी की पूजा होती है, वहाँ देवताओं का वास होता है। नारी से ही संसार है। उन्होंने महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही है और अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर रही है।  आचार्य ने कहा कि महिलाओं के अदृश्य संघर्ष को सलाम करने , उन्हें समानअधिकार और सम्मान दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष आचार्य सुमन धस्माना ने कहा स्वतन्त्रता आंदोलन से लेकर राज्य आंदोलन में नारी शक्ति ने अग्रणी भूमिका निभाई है। धस्माना ने कहा कि नारी, त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति होती है। महिला कर्मठ होती है, लेकिन पहाड़ की पहाड़ की नारी कर्मठ और जुझारू है। वह सुबह पांच बजे से रात दस,11 बजे तक चूल्हा-चौका, खेत-खलिहान, घर परिवार व अन्य रोजमर्रा के कामों में जुटी रहती है। खेत की निराई-गुड़ाई, बुवाई-कटाई के तमाम काम उसके जिम्मे होती हैं। पहाड़ की महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और खुद ही अपना मुकाम तय कर रही हैं। चाहे वह रोजगार हो या फिर स्वरोजगार। धीरे- धीरे  महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। आज नारी की भागीदारी के बिना आदर्श समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। पूर्व  काबीना मंत्री सूरवीर सजवाण ने कहा जब-जब नारी ने आगे बढ़कर अपनी बात को सही तरीके से रखी है तो समाज और राष्ट्र ने उसे पूरा सम्मान दिया है । अब नारी को पुरुष से कमतर नहीं आंका जा सकता।

महिलाएं पहले से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर हुई है। जीवन के हर क्षेत्र में वे पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मजबूती से खड़ी हैं । समाज निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है । अतिविशिष्ट अतिथि अंबिका सजवाण ने महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि महिलाएं समाज के विकास एवं तरक्की में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। किसी समय महिलाओं को कमजोर समझा जाता था,किंतु   आज अपनी मेहनत और मेधा शक्ति के बलबूते वह हर क्षेत्र में  लोहा मनवाया रही है।  कहा कि नारी का सारा जीवन कामकाज में ही बीत जाता है। पिता की छत्रछाया में घर के कामकाज के साथ पढ़ाई-लिखाई की दोहरी जिम्मेदारी निभाती है। विवाह के बाद और भी भारी जिम्मेदारि‍यां आ जाती है। दिन रात काम में जुुुटे रहने के बाद उसके पास अपने लिए समय ही नहीं बचता।

इस दौरान विभिन्न क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाओं को आंगन बाडी वर्कर एवं प्रदेश  महामंत्री सुमति थपलियाल,अतिविशिष्ट अतिथि अंबिका सजवाण महामंत्री प्रदेश पंचायत प्रकोष्ठ , हास्य कलाकार एवं अभिनेत्री सुमन गौड, विशिष्ट अतिथि भावना शर्मा प्रदेश मंत्री, जिला पंचायत सदस्य दिव्य वेलवाल, रचना देवरानी उप निरीक्षक ,सरिता मैठानी उप निरीक्षक, टीना थाना रायवाला, लक्ष्मी धनै ,साधना शर्मा वैयक्तिक अधिकारी, गुडडी सजवाण आदि  ने सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष आचार्य सुमन धस्माना, पूर्व  काबीना मंत्री सूरवीर सजवाण, ग्राम प्रधान अनिल कुमार, जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान, कृष्णा जोशी, बबीता रावत ग्राम प्रधान हरिपुर, गीताँजलि जखमोला उप प्रधान गौहरीमाफी, रेखा पोखरियाल क्षेत्र पंचायत सदस्य, गीता नेगी, भगवती सेमवाल, चन्द्रेश्वर धस्माना, बीना बंगवाल, राजमती पंवार, विमला रावत, कमलेश भण्डारी, रूपा असवाल, कविता बुटोला, भागीरथी भट्ट, अनिता भट्ट, सुषमा तिवाडी, रजनी पोखरियाल, कुसुमलता नेगी, रूपा असवाल, ममता पंत, भागीरथी भट्ट, बीना बंगवाल, मीना गुसाई, नीलम रावत, कविता बुटोला, शशि राणा, राजमति पवार, बिमला रावत, अनीता भट्ट, अंजू बडोला आदि उपस्थित रहे। इस मौके पर नवोदय सांस्कृतिक दल के लोक कलाकारों के सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सबका मन लोह लिया।

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