ऊंची चोटियां हुई बर्फबारी से धवल

ऊखीमठ। केदार घाटी के हिमालयी क्षेत्रों में विगत दो दिनों से हो रही बर्फबारी से सम्पूर्ण केदार घाटी शीतलहर की चपेट में आ गयी है। निचले क्षेत्रों में मौसम के मिजाज पल – पल बदलने से आम जनजीवन अस्त – व्यस्त हो गया है।  बेमौसमी बारिश से काश्तकारों की फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है साथ ही आने वाले दिनों में यदि मौसम का मिजाज इसी प्रकार रहा तो केदारनाथ धाम में पुर्ननिर्माण के साथ ही आल वेदर रोड के निर्माण कार्य भी बाधित हो सकते हैं। केदार घाटी में सोमवार को दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदला तथा हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हुई तथा मंगलवार को भी हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रहने से वासुकी ताल,केदारनाथ, खाम- मनणी,मदमहेश्वर, पाण्डवसेरा, नन्दीकुण्ड, विसुणीताल सहित हिमालयी क्षेत्रों में निरन्तर बर्फबारी होने से तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। आने वाले दिनों में यदि मौसम का मिजाज इसी प्रकार रहा तो केदारनाथ धाम में पुर्ननिर्माण कार्यों के साथ आल वेदर रोड़ पर चल रहे निर्माण कार्य बाधित हो सकते है। निचले क्षेत्रों में रूक – रूक कर हो रही बारिश से प्राकृतिक जल स्रोतों में वृद्धि होने के आसार तो बन रहे हैं मगर यदि बारिश का क्रम जारी रहता है तो काश्तकारों की गेहूं की फसल के साथ धान की बुवाई प्रभावित हो सकती है। हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी होने व निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश होने से प्रकृति के यौवन में नई ऊर्जा का संचार तो हुआ है मगर जनवरी, फरवरी माह में मौसम के अनुकूल बर्फबारी व बारिश न होने से पर्यावरणविदों व काश्तकारों के हाथ निराशा लगी है।

लक्ष्मण सिंह नेगी, वरिष्ठ पत्रकार, ऊखीमठ।

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