लापरवाही पड़ने लगी जान पर भारी

जनमंच टुडे/देहरादून।

लोगों की लापरवाही अब जान पर भारी पड़ने लगी है। राज्य में कोरोना की दूसरी लहर कहर ढा रही है। लगातार संक्रमितों की संख्या में इजाफा होने से शासन, प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही है, और सभी पुख्ता सुरक्षा इंताजामात जुटाने में लगी हुई है। अन्य राज्यों के मुकाबले उत्तराखंड में कोरोना काल मे लोगों को सुविधाओं के लिए भटकना नहीं पडे इसे देखते हुए डीआरडीओ की मदद से गढ़वाल और कुमांऊ में 1400 ऑक्सिजन बेड और आईसीयू सरकार जल्द बनवाने जा रही है। अभी प्रदेश में12 कोविड अस्पताल,62 डीसीएससी और 385 कोविड केयर सेंटर काम कर रहे हैं। राज्य  के सभी अस्पतालों में अभी 17 हजार के करीब बेड हैं जबकि 5500 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, 1302 आईसीयू बेड, 774 वेंटिलेटर कोविड के लिए इस्तमाल किए जा रहे हैं। इसके बावजूद मैदानी क्षेत्रों में जनसंख्या का दबाव अधिक होने से स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लोगों को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। देहरादून और नैनीताल जिले के अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में इन जगहों  के अस्पतालों में आईसीयू बेड खाली नहीं है। दून में सभी वेंटीलेटर खाली नहीं है। देहरादून में 417 आईसीयू में से एक भी खाली नहीं है। वहीं 417 वेंटीलेटर  में से एक भी खाली नहीं हैं।  नैनीताल में  भी दून की तरह ही हालात है। यहां भी एक भी आईसीयू और ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड खाली नहीं हैं।  हरिद्वार जिले में आईसूयी 198 बेड हैं जिनमें अभी 51 खाली चल रहे हैं।  वही 128 वेंटीलेटर में से  43  खाली  हैं। इधर यूएस नगर जिले में 244 आईसीयू बेड में से अभी 119 बेड खाली हैं। जबकि  65 वेंटीलेटर में से 46 खाली  हैं। ठीक इसके विपरीत पहाड़ की सभी अस्पतालों की हालत बहुत बेहतर है। यहां भले ही कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा हो, लेकिन संक्रमितों को  आईसीयू और वेंटीलेटर की जरूरत न के बराबर पड़ रही है। यहां के अधिकांश अस्पतालों में आईसीयू और वेंटीलेटर खाली पड़े हुए हैं। टिहरी, रुद्रप्रयाग, चंपावत, चमोली जिलों में अभी तक एक भी मरीज आईसीयू और वेंटीलेटर बेड पर नहीं है। टिहरी में 5 आसीईयू और 9 वेंटिलेटर बेड में से सभी खाली हैं। रुद्रप्रयाग में 6 आईसीयू और 6 वेंटीलेटर में से सभी खाली हैं। चम्पावत में 6 आसीईयू बेड और 9 वेंटीलेटर में से सभी खाली हैं।

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