कभी आईबीएन-7 में एंकर थी दीप्ति रावत
जनमंच टुडे/ सतपुली।पौड़ी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाली दीप्ति रावत मेहनत की बदौलत आज सफलता की उस बुलंदियों पर पहुँच गई है, जहां पर पहुँचना हर किसी का सपना होता है। रावत ने छात्र जीवन से ही छात्रहितों की लड़ाई लड़ी। उन्होंने परिषद् में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। वे वर्ष 2002-03 में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनावी दंगल में कूदी और सफलता हासिल की और महासचिव चुनी गईं।उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नही देखा और मेहनत के बलबूते सफलता की सीढ़ियां चढ़ती गई।उन्होंने मीडिया के क्षेत्र में भी कदम रखा और बेहतरी खबरों को प्रमोट भी किया। उन्होंने प्रतिष्ठित टीवी चैनल आईबीएन-7 में एंकर के रूप में भी कुछ समय तक कार्य किया है। उन्होंने अमेरिका में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ़ एशियन पॉलिटिकल पार्टीज समेत कई अन्य अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में भाग लिया है, और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने समाज के कमजोर वर्ग को उठाने का बीड़ा उठाया और ऊर्जा फाउंडेशन की नींव रखी और वर्तमान में वह इसका बखूबी संचालन कर रही है और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। पार्टी के प्रति समर्पित दीप्ति रावत को पार्टी ने पौड़ी जनपद के बीरोंखाल विस क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया। पार्टी ने 2007 में दीप्ति को जब बीरोंखाल विस क्षेत्र से मैदान में उतारा उस दौरान उनकी उम्र मात्र 25 वर्ष थी। उन्होंने उस दौरान कांग्रेस की दिग्गज अमृता रावत से मुकाबला था। रावत के मेहनत और लगन को देखते हुए उन्हें भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य बनाया हैं। उत्तराखंड में उनके अनुभव को देखते हुए भाजपा ने उन्हें प्रदेश प्रवक्ता की कमान दी, जिसका उन्होंने बखूबी निर्वहन किया। त्रिवेंद्र सरकार ने दायित्व से नवाजा। अब मेहनत की बदौलत वह राष्ट्रीय पटल पर पहुँच गई है।
- सतपुली से पुष्पेन्द्र राणा और
- पौड़ी से जगदम्बा डंगवाल की रिपोर्ट
