राजनीति की पथरीली डगर पर दौड़ता रणजीत का सांस्कृतिक रथ

जनमंच टुडे/रामनगर

विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए तीन दिवसीय मंथन शिविर की समाप्ति के बाद काँग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रणजीत रावत ने सांस्कृतिक मोर्चा से कांग्रेस के चुनाव का श्रीगणेश कर दिया।
अपने गांव मोतीपुर में धान रोपाई के मौके की पुरानी पर्वतीय परम्परा ‘हुड़किया बॉल’ के आयोजन के तहत महिलाओं के साथ कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने परंपरागत तरीके से खेत में धान की फसल रोपाई का शुभारम्भ किया गया। हुड़के की थाप पर पर्वतीय वाद्य यंत्रों के सुरीले संगीतमय वातावरण में आयोजित किये गए इस कार्यक्रम में भारी संख्या में क्षेत्रीय लोगों व पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। राजनैतिक तौर पर इसे रणजीत रावत की सांस्कृतिक यात्रा के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

इस मौके पर रणजीत रावत ने कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की हमें सौंपी हुई धरोहर है। इस धरोहर की रक्षा करते हुए इसे अगली पीढ़ी को हस्तांतरित करना हमारी जिम्मेदारी है। जिसके चलते उनके द्वारा पहाड़ों में धान की फसल की रोपाई के समय किये जाने वाले ‘हुड़किया बॉल’ का हर वर्ष आयोजन किया जाता रहा है। कार्यक्रम के बहाने युवा पीढ़ी को अधिक से अधिक जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिससे वह भी अपनी पुरानी गौरवशाली परंपराओं से परिचित होते हुए इस कारवां को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग दें। उन्होने कहा कि हमें पश्चिमी संस्कृति के सामने अपनी लुप्त होती संस्कृति को बचाने के लिए बंद कमरों में होने वाले चिन्तन से अधिक सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को सन्देश देना चाहिए। तभी हम अपनी संस्कृति की सही मायने में रक्षा करने में सफल होंगे। इस दौरान कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र के साथ-साथ शहरी क्षेत्र से भी तमाम लोगों ने हिस्सा लिया। विधानसभा चुनाव से पूर्व हुए इस सांस्कृतिक आयोजन को स्वभाविक तौर पर चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। लेकिन पूर्व विधायक ने इससे इनकार किया है। उनका कहना है कि पर्वतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार को चुनावी चश्मे से जोड़कर देखना गलत है। यह विशुद्ध सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रम है। पिछले पच्चीस सालों से वह अपनी प्रयास संस्था के तहत कुमाऊंनी होली का भी आयोजन करते आये हैं। उनके खुद के होटल में पर्वतीय शैली के खाद्य पदार्थों को बढ़ावा दिया जाता है। पर्वतीय संस्कृति उनकी आत्मा है। राजनीति के लिए अलग मुददे हो सकते हैं। संस्कृति की रक्षा को राजनैतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए।

कार्यक्रम में मुख्य तौर पर पालिकाध्यक्ष मौ. अकरम, डीसी हर्बोला, देशबन्धु रावत, ओम प्रकाश, किशोरीलाल, बीना रावत, अनिता बिष्ट, ग्राम प्रधान हेमा बिष्ट, ग्राम प्रधान, ऊषा जोशी, ग्राम प्रधान देवकी देवी, ग्राम प्रधान अमरजीत सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य पल्विन्दर सिंह बन्टी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य नरेश कालिया, प्रदेश कांग्रेस सचिव डॉ. निशान्त पपने, हरिप्रिया सती, विमला आर्या, धारा बल्लभ पान्डे, पूर्व प्रधान गणेश नेगी,पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गिरीश मठपाल, उपग्राम प्रधान लीलाधर जोशी, ग्राम प्रधान कुसुम देवी, किशन सेठ, सभासद भुवन शर्मा सभासद गुलाम सादिक सभासद मोहम्मद अजमल शिव कुमार, रश्पाल सिंह, मन्जीत सिंह,

क्षेत्र पंचायत सदस्य भूवनचंद्र, सतनाम सिंह, शंकरलाल उजाला, अनिल अग्रवाल खुलासा, वीरेन्द्र तिवारी, जरीफ सैफ़ी, राजेश नेगी, अतुल अग्रवाल, लईक अहमद सैफ़ी, जमील अहमद सैफ़ी, अनुभव बिष्ट, धीरज मोलिखी, विशाल रावत, महेंद्र आर्या, कुबेर कडाकोटि, प्रेम जैन, दीप पान्डे, दीपक जोशी, जग्दीप सिंह, हरदीप सिंह दिप्पा, सरताज अली, महेंद्र नेगी, उमाशंकर गुप्ता, आदि मौजूद रहे।

  • रामनगर से वरिष्ठ पत्रकार सलीम मलिक

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