देश और हिमालय की सेवा कर रहे तीरथ : स्वामी चिदानन्द
जनमंच टुडे/ ऋषिकेश।
पूर्व मुख्यमंत्री और गढ़वाल तीरथ सिंह रावत सोमवार सुबह परमार्थ निकेतन पहुंचे और गंगा की पूजन-अर्चना कर दुग्धाभिषेक किया। इस दौरान परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने तीरथ सिंह रावत के उत्तम स्वास्थ्य की मंगल कामनायें की। कहा कि हिमालय पुत्र तीरथ सिंह रावत सदा हिमालय की तरह देश सेवा और हिमालय की सेवा में लगे हुए हैं। वह सबसे जुड़ें रहते हैं और सब को जोड़कर रखते हैं, यही सबसे बड़ी सेवा है, इसी के माध्यम से आने वाली पीढ़ियाँ भारतीय संस्कृति को और बेहतर ढ़ंग से समझ पायेगी।

स्वामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है, जो सदियों से माँ गंगा की गोद और हिमालय की छत्रछाया में विकसित हो रही है। भारत की सभ्यता और संस्कृति में विविधता में एकता के साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। भारतीय संस्कृति समस्त मानवता का कल्याण चाहती है। हम सभी भारतीयों को मिलकर प्रकृति, पर्यावरण और मानवता के संरक्षण के लिये कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में पितृपक्ष का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि पितृ पक्ष के दौरान पितरों के नाम से पूजा, अर्चना, दान और पौधों के रोपण से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि श्राद्ध कर्म के पश्चात जरूरतमंदों की सहायता करने से भी पितरों को पुण्य प्राप्त होता
