प्राकृतिक जलस्रोतों के गिरते जलस्तर पर मंथन
लक्ष्मण सिंह नेगी।
जनमंच टुडे। ऊखीमठ। केदारघाटी के गुप्तकाशी में जल जीवन मिशन कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला में प्राकृतिक जल स्रोतों के जल स्तर में निरन्तर गिरावट पर चिन्ता व्यक्त की गयी। कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों,पेयजल स्वच्छता समिति के सदस्यों ,जल संस्थान व जल निगम के अधिकारियों ने भागीदारी की । इस मौके पर गुप्तकाशी के ग्राम प्रधान प्रेम सिंह नेगी ने कहा कि जल जीवन मिशन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगस्त 2019 को की थी। इसका उद्देश्य महिलाओं के जीवन स्तर पर सुधार लाना है। कार्यशाला में अतुल उनियाल ने कहा कि देश के संविधान के 73 वें संशोधन में पेयजल के विषय को ग्यारहवीं अनुसूची में रखा है और इसका प्रबंधन ग्राम पंचायतों को दिया गया है। भानु भटट् ने कहा कि पूरे भारत वर्ष में जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल, हर घर नल योजना के तहत लगभग 12 करोड़ घर इस योजना से जुड़ चुके हैं। शक्ति भटट् ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, बैंगलोर, राजस्थान व नोएडा सहित विभिन्न राज्यों में जल संकट बना हुआ है जो भविष्य में विकराल रूप ले सकता है । जयवीर बर्त्वाल ने कहा कि दिल्ली में यमुना का जल निरन्तर प्रदूषित होता जा रहा है तथा पूरे विश्व में 2:5 प्रतिशत ही स्वच्छ जल बचा हुआ है। हमारे देश में 54 प्रतिशत जल प्रदूषित होता जा रहा है। इस मौके पर प्रधान हुकम सिंह फर्स्वाण, नवीन रावत, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कमल रावत,जल संस्थान के अवर अभियन्ता बीरेन्द्र भण्डारी, पूर्णानन्द सेमवाल, प्रेम प्रकाश सिंह, हरीश तिवारी, रजनी देवी, पुष्पा देवी, राधा देवी, कुशलानन्द, सुरजीत सिंह, प्रदीप सिंह, अनीता देवी, जगदीश सिंह, रश्मि देवी, विनीता नौटियाल सहित पेयजल स्वच्छता समिति के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, जल निगम , जल संस्थान के अधिकारी और ग्रामीण मौजूद थे।
