खुशियां फिर से आयेंगी….
जनमंच टुडे।

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हालात बद से बद्तर हो गये।
हालात बद से बद्तर हो गये।
न जाने हम कितने अपनों को खो गए।।
हालात बद से बद्तर हो गये।
हालात बद से बद्तर हो गये।।
निकला न करो बेवजह घर से।
तभी बचेंगे कोरोना के कहर से।।
न जाने हम कितना दुख ढो गये ।
हालात बद से बद्तर हो गये।।
सबसे विकट समय अभी है ।
चारों तरफ हाहाकार है ।।
दो गज दूरी मास्क जरूरी ।
सैनिटाइजर हथियार है।।
टीका टिकाए रखे बस।
यह राहत की बात है ।।
कोरोना का चारों तरफ।
खौफ बड़ा उत्पात है ।।
अनुशासन जिसने अपनाया।
उसका बेड़ा पार है।।
लापरवाही जिसने कर ली, उसका बंटाधार है ।।
खान-पान का ध्यान रखें जो।
अपना -अपनों का रखें ख्याल।।
काढ़ा ,फलाहार अपनाकर ही ।
सबका होगा बेड़ा पार है ।।
भय नहीं साहस से ।
योग ध्यान अपनाना होगा ।।
खुद की, घर की साफ-सफाई ।
विजयश्री पाना होगा।।
पूजा-पाठ और धार्मिक अध्ययन कर ।
समय बुरा कट जाएगा।।
सोच सकारात्मक रहकर ही।
विपत्ति समय छट जाएगा।।
जीत जाएंगे अजब लड़ाई ।
खुशियां फिर से आयेंगी।।
सभी बातों का पालन कर।
खुशियों की बहारें छायेगी।।।
- रचियता कुलदीप सिंह रावत । पूर्व सूबेदार मेजर (सेना चिकित्सा कोर) । संस्कृति लोक कॉलोनी ब्राह्मण वाला देहरादून।
