बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले
जनमंच टुडे/ बद्रीनाथ।
विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट ब्रह्ममुहूर्त में पुष्य नक्षत्र और वृष लग्न में मंगलवार तड़के 4 बजकर 15 मिनट पर खोल दिए गए। कोरोना के चलते कपाटोद्घाटन में देवस्थानम बोर्ड के सदस्यों के साथ ही कुछ लोग ही शामिल हुए। कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर के हक-हकूकघारियों के साथ ही धर्माधिकारी, आचार्य ब्राह्मणों को ही धाम में जाने की अनुमति दी गई थी। धाम में धार्मिक परम्पराओं के साथ ब्रह्ममुहूर्त में भगवान श्री बदरीविशाल के कपाट खुलते ही बद्रीविशाल की पूजा अर्चना की गई।कोरोना महामारी से पूरे विश्व को निजात पाने के लिये विशेष पूजा-अर्चना की गई।
कपाट खुलते ही बदरीनाथ जी की छह माह की पूजा-अर्चना धाम में प्रारंभ हुयी। बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी रावल, ईश्वरप्रसाद नमूदारी, एवं धर्माधिकारी, वेदपाठी व पूजारीगण, देवस्थानम बोर्ड के अधिकारी की उपस्थिति में निर्धारित शुभ मुहर्त में भगवान के श्री कपाट खुलें। इसके साथ ही सभी अधीनस्थ मंदिरों, श्री आदिकेदारेश्वर , श्री शंकराचार्य मंदिर के कपाट भी खोले गए। खोखोकहश्री माता मूर्ति मंदिर के कपाट मन्दिर के पुजारी पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी ने खोले व श्री भविष्य बदरी मंदिर के कपाट पुजारी सुशील डिमरी ने खोले। इस मौके पर टिहरी राजदरबार राजगुरू माधव प्रसाद नौटियाल, उम्मटा डिमरी पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, अध्यक्ष विनोद डिमरी, दिनेश डिमरी, उम्मेहता थोक, भंडारी थोक, कमदी थोक, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य अधिकारी बीडी सिंह , धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल, उपमुख्यकार्याधिकारी सुनील तिवारी, अपरधर्माधिकारी सत्यप्रसाद चमोला व राधाकृष्ण थपलियाल, प्रभारी मंदिर अधिकारी गिरीश चौहान , पुलिस अधीक्षक यशवंत चौहान, उपजिलाधिकारी जोशीमठ कुमकुम जोशी, पुलिस क्षेत्राधिकारी चमोली धनसिंह तोमर, थाना प्रभारी बदरीनाथ सतेंद्र नेगी, एल आई यू प्रभारी बी के चौहान
, तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ आदि मौजूद रहे। इस बार भगवान बद्रीविशाल के मन्दिर को नारायण फ्लावर ऋषिकेश व बदरी-केदार पुष्प सेवा समिति ऋषिकेश की ओर से बदरीनाथ धाम के सिंहद्वार व अन्य देवालयों को 8 क्विंटल फूलों से सजाया था।

