रंग बिरेंगे फूलों के दीदार होंगे या नहीं पर संशय
जनमंच टुडे/जोशीमठ
विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी के खुलने को लेकर संशय बना हुआ है। इस साल कोरोना के कारण बने हालातों से घाटी में पर्यटन की गतिविधियां दो साल से बुुुरी तरह सेे प्रभावित है, जिसके चलते पर्यटकों से जुड़ी गतिविधियां पूरी तरह से ठप्प हो गई है। कोरोना के चलते विगत दो साल से प्रदेश का पर्यटन उद्योग पटरी से उतर गया है जिसके चलते इससे जुड़े हज़ारों लोगों की रोजी, रोटी बुरी तरह प्रभावित हुई है। एक अनुमान के अनुसार इस बार पर्यटन गतिविधियां बन्द होने से लगभग 105960 करोड़ का नुकसान हुआ है। विगत वर्षों की भांति कोरोना संक्रमण के चलते घाटी देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए फूलों की घाटी इस वर्ष खुलेगी या फिर बन्द रहेगी, इस विषय को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। हर साल एक जून को फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खोल दिया जाता है और लगभग 5 महीने तक पर्यटक इसका दीदार करते हैं और 31 अक्तूबर को बंद हो जाती है। कोरोना संक्रमण के कारण वर्ष 2020 में एक जून को घाटी खुली, लेकिन पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। अपनी भौगोलिक विशेषता के कारण फूलों की घाटी विश्व विख्यात है। यहां लगभग 500 प्रजाति के हजारों फूल खिलते हैं। फूलों के साथ ही दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों, परिंदों व जड़ी-बूटिया भी पाई जाती है। इस बार एक जून को फूलों की घाटी खुलेगी या नहीं इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
