मदमहेश्वर घाटी के लोगों में उल्लास का माहौल

लक्ष्मण सिंह नेगी।

जनमंच टुडे/ ऊखीमठ।  सुरम्य मखमली बुग्यालों के मध्य बसे पंच केदार में द्वितीय केदार के नाम से विख्यात भगवान मदमहेश्वर के कपाट खोलने की प्रक्रिया रविवार को ज्येष्ठ माह की संक्रांति से शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर में विधिवत शुरू होगी। मन्दिर समिति द्वारा कपाट खोलने की तैयारियां जोरों पर है। भगवान मदमहेश्वर के कपाट खोलने को लेकर मदमहेश्वर घाटी के जनमानस में उत्साह बना हुआ है और मानवीय  चहल पहल से यात्रा पड़ावों पर रौनक लौटने लगी है । मदमहेश्वर घाटी के जनमानस को उम्मीद है कि इस बार केदारनाथ धाम की तर्ज पर मदमहेश्वर धाम में भी तीर्थ यात्रियों की भारी संख्या में आवाजाही होगी।  मन्दिर समिति के सुपरवाइजर यदुवीर पुष्वाण ने बताया कि रविवार को द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर के कपाट खोलने की प्रक्रिया शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर में शुरू होगी। उन्होंने बताया कि रविवार को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव मूर्तियों को ओकारेश्वर मन्दिर के गर्भगृह से सभा मण्डप लाया जायेगा। स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा नये अनाज का भोग अर्पित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि 16 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली ओकारेश्वर मन्दिर में ही रात्रि प्रवास करेगी। 17 मई को शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर से रवाना होकर डगवाडी, ब्राह्मण खोली, मंगोलचारी, सलामी, फापज, मनसूना, राऊलैंक, उनियाणा सहित विभिन्न यात्रा पडावों पर भक्तों को आशीष देते हुए रात्रि प्रवास के लिए राकेश्वरी मन्दिर रासी पहुंचेगी। 18 मई को राकेश्वरी मन्दिर रासी से प्रस्थान कर अन्तिम रात्रि प्रवास के लिए गौण्डार गाँव पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि 19 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली गौण्डार गाँव से प्रस्थान कर बनातोली, खटारा, नानौ, मैखम्भा कूनचटटी यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए मदमहेश्वर धाम पहुंचेगी। डोली के धाम पहुंचने पर वेद ऋचाओं के साथ भगवान मदमहेश्वर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेगें। मदमहेश्वर यात्रा पड़ाव के व्यापारी व पूर्व प्रधान भगत सिंह पंवार, बीरेन्द्र पंवार ने बताया कि मदमहेश्वर यात्रा पड़ावों पर आवागमन होने से रौनक लौटने लगी है।

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