प्रधानमंत्री आवास योजना से घर का सपना हुआ साकार
जनमंच टुडे/ देहरादून।
प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों के पक्के घर का सपना सच होने लगा है। योजना के चलते वर्षों तक कच्चे मकान में रहने वाले पक्के मकान मिलने से खुश हैं। अगर हम केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करे तो प्रधानमंत्री आवास योजना पहले पायदान पर आता है। इस योजना ने हर गरीब के घर के सपने को साकार किया है।
गरीबों के सपनों के घर को धरातल पर उतारने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में इस योजना की आधारशिला रखी थी । इस दूरदर्शी योजना के तहत प्रदेश के हर गरीब का सपना पूरा हो रहा है जिनके लिए पक्का घर बनाना सिर्फ एक सपना था। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके सपने को हकीकत में बदल दिया है। इस योजना की बात करें तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद इस योजना को लेकर गंभीर हैं।
शुक्रवार को जनपद देहरादून में प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत देहरादून जनपद में विभिन्न लाभार्थियों ने अपनी सफलता की कहानी बताया। प्रधानमंत्री आवास योजना द्वारा उनकी झोपड़ी को पक्के मकान में बदलने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया और उन्हें धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों ने अपनी सफलता की कहानी बताते हुए बताया कि मजदूरी करके वे केवल अपने परिवार का भरण -पोषण कर सकते थे।
महंगाई के दौर में घर का सपना सिर्फ सपना था और गरीबी के चलते वह सपने को धरातल पर उतारने में नाकाम थे। ऐसे में मोदी देवदूत बनकर आए व घर के सपने को साकार किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास स्वीकृत होने पर प्रधानमंत्री आवास योजना 2020,21 के लाभार्थी प्रेमवती देवी पत्नी गंगाराम,ग्राम पंचायत मारखग्रान्ट, लियाकत अली पुत्र लफीत अली, ग्राम पंचायत माजरीग्रान्ट, ताराचन्द पुत्र सुगन सिंह ग्राम पंचायत माजरीग्रान्ट, संगीता देवी पत्नी बनवारीलाल , ग्राम पंचायत माजरीग्रान्ट , सुमन देवी, पत्नी ऋषिपाल ग्राम पंचायत माजरीग्रान्ट ,चन्दन सिंह नेगी पुत्र बहादुर सिंह नेगी , ग्राम पंचायत मारखमग्रान्ट ,राजेन्द्र सिंह, पुत्र सुगन सिंह, ग्राम पंचायत मारखमग्रान्ट ने कहा कि वह मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते थे और मकान के नाप पर सिर्फ कच्चा छत था।
बरसात में मुश्किलें आती थी , तेज हवाएं चलने से कच्चे घर कब जमीदोंज हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता था। प्रधानमंत्री आवास योजना से कैसे उनका पक्के मकान का सपना पूरा हुआ इस पर लाभार्थियों ने बताया कि गत वर्ष ग्रामप्रधान ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास स्वीकृत हो चुका है और कुछ दिन बाद ब्लाक से ग्राम विकास अधिकारी उनकी झोपडी का जियो टैंग/फोटो करते हुए आधार कार्ड कि छायाप्रति और बैंक पास बुक की छायाप्रति मांगेंगे।
यह खबर सुनते ही पहले तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ की उनका भी अपना पक्का घर होगा। सब प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक सप्ताह के अन्दर सभी लाभार्थियों के बैंक खाते में पहली किश्त 60 आई तो वे बेहद खुश हुए। इससे मकान का कार्य लिन्टर तक हो गया। इसके बाद ब्लाक से ग्राम विकास अधिकारी आये और उन्होने मकान का निरीक्षण किया इसके उपरान्त एक सप्ताह के भीतर हमारे बैंक खाते में 40 हजार रुपये की दूसरी किश्त आई और उनके मकान का कार्य पूर्ण कर पक्के घर का सपना धरातल पर उतर गया। कार्य पूर्ण होने के फलस्वरूप ग्राम विकास अधिकारी द्वारा फिर जियो टैंग लेकर लाभार्थियों के बैंक खाते में 30 हजार रुपये की अन्तिम किश्त आयी, साथ ही साथ साजो- समान, बर्तन आदि के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार 50 हजार रुपए की धनराशि दी गयी। मनरेगा योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को 95 दिन की मजदूरी 20 हजार 235 रुपये भी दी जा रही है।
लाभार्थियों का अपना पक्का मकान का सपना पूरा होने पर लाभार्थी एवं उनके परिजन बेहद खुश है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के प्रयासों से आज हमारे घर का सपना साकार हो गया है। महंगाई के इस दौर में मकान बनाने का सपना तो देखा जा सकता है, लेकिन गरीब मकान नहीं बना सकता। आज हमारा सपना प्रधानमंत्री आवास योजना के चलते पूरा हुआ है। लाभार्थियों ने घर का सपना साकार करने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताया और अन्य लोगों से इस योजना का लाभ उठाने की भी अपील की।
