घर को आग लग गई घर के ही चिराग से

देहरादून। घर को आग लग गई घर के ही चिराग से यह शेर पूर्व cm पर सटीक बैठती, उनकी कुर्सी को उनके अपने ले डूबे। माना जा रहा है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत की सीएम की कुर्सी को राज्य की बेलगाम अफसरशाही, उनके इर्दगिर्द रहने वाले चाटुकार, उनके सलाहकार ले डूबे। चंद अफसरों के मुताबिक ही सारे फैसले लेने और विधायकों कार्यकर्ताओं की अनदेखी,  उनके सलाहकारों द्वारा छोटे पत्र पत्रिकाओं के पैनी लेखनी के पत्रकारों की अनदेखी करना रावत पर भारी पड़ा। सामान्य परिवार से निकलकर सीएम की कुर्सी तक पहुंचे त्रिवेंद्र सिंह रावत की बेहतर साफ छवि सालीन स्वभाव के बावजूद उनके सलाहकारों, उनके इर्द गिर्द रहने वाले चाटुकारो,बेलगाम अफसरों की वजह से कार्यकर्ताओं व जनता की नज़र में उनकी इमेज एक घमंडी सीएम की बन गई थी। बीजेपी विधायकों और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इस पर सीएम के खिलाफ अंदर ही अंदर मोर्चा खोल दिया था, लेकिन उनके सलाहकारों कोचाटुकारों को भनक तक नही लगी,अगर लगी भी होगी तो उन्होंने त्रिवेन्द्र रावत को अंधेरे में रखा। सलाहकार किसी भी व्यक्ति से सीधी मुँह बात तक नही करते थे। cm के कुछ सलाहकारों ने तो उन व्यक्तियों तक को पहचानने से इनकार कर दिया था, जब वह उनके साथ काम करते थे। सलाहकारों, चाटुकारोंं ,बेलगाम अफसरों की वजह से  cm की छवि जनता और कार्यकर्ताओं में नकारात्मक बनती गई। आखिरकार पार्टी को सीएम बदलने का फैसला लेना पड़ा। नाराज विधायकों और नाराज पार्टी कार्यकर्ताओं ने अंदर ही अंदर से त्रिवेंद्र सिंह रावत की छवि  को जनता के बीच में गलत बना दिया। इसके बावजूद उनके चाटुकार, उनके सलाहकार उनको सब कुछ अच्छा बताकर भ्रम की स्थिति बनाते रहे। उनके सलाहकार, चाटुकार, किसी फरियादी,कार्यकर्ता को त्रिवेन्द्र तक पहुँचने नहीं देते थे, अगर कोई कार्यकर्ता अपने क्षेत्र की, पार्टी की स्थिति लेकर उनसे मिलना चाहता तो, सीएम के इर्द गिर्द के लोग, उनके सलाहकार, ऑफिसर उन्हें cm के पास पहुँचने ही नहीं देते थे। कार्यकर्ता घंटों इंतजार करते थे पर उनके चाटुकार मिलने ही नही देते थे। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं  में हताशा निराशा छाने लगी। बोया सलाहकारों, चाटुकारों ने भुगतना पड़ा त्रिवेन्द्र को। इससे निराश कार्यकर्ताओं ने कहना शुरू कर दिया कि रावत जब पार्टी कार्यकर्ताओं की नहीं सुनते तो जनता की क्या सुनेंगे।इससे  आंतरिक गुटबाजी  को जोर मिलने लगा ।

 

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