अब मंत्रियों की कुर्सियों पर संकट
देहरादून। आखिरकार त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने पार्टी हाईकमान के निर्देश के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ दी। वहीं सूत्रों के अनुसार नए मन्त्रिमण्डल के गठन में कांग्रेस पृष्ठभूमि के विधायकों को शामिल नही किया जाएगा जो मंत्री है, उनकी कुर्सियों पर खतरा मंडरा रहा है। गौरतलब है कि विगत शनिवार को अचानक नई दिल्ली से पार्टी हाईकमान ने दो आब्जर्वर को देहरादून भेजा था। उन्होंने विधायकों की बैठक ली थी और बैठक की रिपोर्ट हाईकमान को दी थी। इसके दूसरे दिन पार्टी हाईकमान ने मुख्यमंत्री को दिल्ली तलब कर लिया था। जिसके बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा हो रही थी। नाराज विधायकों ने दोनों आब्जर्वर से सीएम की शिकायत की थी। बताया था कि त्रिवेंद्र सिंह रावत अफसरशाही के इशारों पर चल रहे हैं। अफसर पूरी तरह बेलगाम है। नाराज गुट ने शिकायत की थी कि सीएम ने पहाड़ के लोगों की सुनने की बजाय यूपी से आए अफसरों की सुनते हैं,और पहाड़ वालों की कद्र नहीं की। वहीं त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीबियों का कहना है कि पार्टी के भीतर आंतरिक गुटबाजी की वजह से रावत की कुर्सी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में पार्टी के कई नेताओं की नजर पहले दिन से सीएम की कुर्सी पर थी और वह किसी भी तरह उन्हें हटाने की कोशिश में लगे थे।
