छात्रसंघ अध्यक्ष से मुख्यमंत्री तक का सफर
देहरादून। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक में पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व पौड़ी गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत को नेता चुन लिया गया है,और वह उत्तराखंड की कमान सम्भालेंगे। तीरथ सिंह रावत वर्तमान में सांसद के साथ ही बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव भी हैं। वह 2019 में वह हिमाचल प्रदेश के चुनाव प्रभारी व उत्तर प्रदेश के सहप्रभारी भी रहेे। तीर्थसिंह रावत का जन्म पौड़ी जनपद के असवालस्यूं पट्टी के कल्जीखाल ब्लाक के ग्राम सिरो में कमल सिंह रावत के घर 9 अप्रैल 1964 को हुआ। वह बचपन से ही सरल एवं मृदु भाषी रहे।

छात्र राजनीति से राजनीति में पर्दापण किया। वह जब श्रीनगर गविवि में छात्रसंगठन में छात्रसंघ अध्यक्ष रहे और 1983 से 1988 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उत्तराखण्ड के संगठन मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री भी रहे। वह भारतीय जनता युवा मोर्चा उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे। 1997 में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए और विधान परिषद में विनिश्चय संकलन समिति के अध्यक्ष बने। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वह 2000 में उत्तराखंड के पहले शिक्षा मंत्री बने। 2007 में वह बीजेपी के प्रदेश महामंत्री के साथ ही प्रदेश चुनाव अधिकारी और प्रदेश सदस्यता प्रमुख भी रहे। 2012 में वो चौबटाखाल विधान सभा से विधायक चुने गए। 2013 में उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए।

तीरथ सिंह रावत 2013 उत्तराखण्ड दैवीय आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के अध्यक्ष भी रहे। वह पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद खंडूडी के सबसे करीबी लोगों में शामिल रहे। मृदुभाषी और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी रावत आज 4 बजे राज्य की बागडौर सम्भालेंगे।
